इसरो से लेकर नासा तक में काम करने का है जुनून तो स्पेस और रोबांटिक साइंस में आजमाएं कैरियर…

जैसे-जैसे दुनिया तेजी से डिजिटल होती जा रही है, वैसे-वैसे ही नए-नए स्कोप और चुनौतियां युवाओं के समक्ष आती जा रही हैं। चंद्रमा के बाद अब वैज्ञानिकों के कदम भी  मंगल तक भी पहुंच गए हैं, तो जाहिर सी बात है वैज्ञानिक अब दूसरों ग्रहों की ओर भी अग्रसर होंगे, लेकिन समय तो लगना है। लिहाजा, अगर आप भी इसरो से लेकर नासा तक में काम करने के इच्छुक और इसे अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो देर किस बात की। बनाए रोबांटिक साइंस में कैरियर और छू ले ऊंचाईयों को। इस कैरियर में आपकी महत्वाकांक्षाएं, जुनून और शौक तीनों का बेशक इस्तेमाल होगा और सफलता की गारंटी भी भरपूर रहेगी ही। 

इसके साथ ही आपको ये जान लेना भी जरूरी है कि आज साइंस ने जो तरक्की की है, उसके साथ-साथ उसका योगदान हर क्षेत्र में बहुतायत में दिखाई देता है। फिर चाहे वो अनुसंधान के क्षेत्र में हो, कृषि के क्षेत्र में, आईटी के क्षेत्र में या दीगर अन्य क्षेत्रों में आज साइंस की धमक हर जगह दिखाई देगी। साइंस की तरक्की ने आज मशीनों के सहारे लोगो ंकी जिंदगी को खुशहाल बनाने के साथ ही काम में तेजी भी लाई है। अब साइंस रोबोट का इस्तेमाल रोजमर्रा की जरूरतों के साथ ही स्पेस में भी करने जा रहा है, तो हमारी तैयारी तो जारी होनी ही चाहिए।

तो आइए, जानतें हैं स्पेस और रोबांटिक साइंस में कैरियर और पढ़ाई के बारे में….

स्पेस साइंस  
वैसे तो स्पेस साइंस का दायरा काफी बड़ा है। इसके अंतर्गत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसे कई क्षेत्र समाते हैं। ये आपकी इंटरेस्ट पर निर्भर करता है कि आप किसमें अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। 

ये कोर्स करने पड़ेंगे
स्पेस साइंस में कैरियर बनाने के लिए आपको तीन साल की बीएससी, चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज करने होंगे। वैसे देश के अलग-अलग संस्थानों में ये कोर्स चलाये जा रहे हैं। देश में इनके लिए सबसे अच्छे संस्थान इसरो और बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस है।

रोबोटिक साइंस
स्पेस साइंस की भांति ही आज रोबोटिक साइंस का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में होने लगा है।
हार्ट सर्जरी से लेकर कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस, रेस्टोरेंट्स और बड़े आयोजनों तक में रोबोटिक साइंस का इस्तेमाल होने लगा है। भारत में इस बार के आम बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका जिक्र किया है। कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए उन्होंने जिन क्षेत्रों पर फोकस की बात की है उनमें से एक रोबोटिक साइंस भी है। 

ये कोर्स करने पड़ेंगे
इसमें प्रवेश करने के लिए आप इससे जुड़े कुछ स्पेशियलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्ड रोबोटिक्स सिस्टम. कम्प्यूटर साइंस से स्नातक कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं। 

एमई की डिग्री है तो मिलेगा रिसर्च का मौका
वैसे रोबोटिक्स में अपना यदि एमई की डिग्री हासिल कर ली है, तो आपको लिए ये बहुत अच्छी बात है, आपको इधर-उधर भटकने की जरूरत ही नहीं है। आपको इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान रिसर्च का मौका भी दे सकते हैं।

तो है ना…ये कैरियर आपके लिए काफी काम का, तो देर किसी बात की है…जल्दी ही एडमिशन लें और आकाश की बुलंदियों को छू लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *