बालिकाओं को कौशल से परिचित कराने यहां शुरू हुई ‘परियोजना विजयी’

बालिकाओं को अपनी शिक्षा को समय पर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने और जीवन को सफल तरीके से जीने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य में ’रूम-टू-रीड’ के साथ मिलकर ’परियोजना विजयी’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के साथ मिलकर यह कार्यक्रम 178 बालिका आवासीय संस्थाओं में संचालित हो रहा है। इनमें 93 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 52 आश्रम शालाएं, 28 पोटा केबिन और 5 अन्य बालिका छात्रावास शामिल है।


बताया जा रहा है कि 178 बालिका आवासीय संस्थाओं में कक्षा 6वीं से 8वीं तक की बालिकाओं को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। योजना के तहत बालिकाओं को स्व-जागरूकता (मैं महत्वपूर्ण हूं) में आत्मविश्वासी होनी की कुशलता, भावनाओं को व्यक्त कर पाना और उन पर काबू कर पाने की कुशलता, समानुभूति महसूस कर पाने की कुशलता सिखायी जा रही है। इसी प्रकार आत्मप्रभावकारिता (मैं सशक्त हूूं) में आत्मनियंत्रण की कुशलता, विवेचनात्मक सोच रखने का कौशल, निर्णय लेने का कौशल और निरंतर प्रयत्न करते रहने का कौशल, सामाजिक जागरूकता (हम कर सकते हैं) में सम्प्रेषण का कौशल, रचनात्मकता से समस्या सुलझाने का कौशल और संबंधों को बनाए रखने की कुशलता, स्वजागरूकता (मैं महत्वपूर्ण हूं) में आत्मविश्वासी होने की कुशलता,  भावनाओं को व्यक्त कर पाना और उन पर काबू कर पाने की कुशलता, समानुभूति कर पाने की कुशलता, आत्म प्रभावकारिता (मैं सशक्त हूं) में आत्मनियंत्रण की कुशलता, विवेचनात्मक सोच रखने का कौशल, निर्णय लेने का कौशल और निरंतर प्रयत्न करते रहने का कौशल, सामाजिक जागरूकता (हम कर सकते हैं) में सम्प्रेषण का कौशल, रचनात्मकता से समस्या सुलझाने का कौशल और संबंधों को बनाए रखने की कुशलता सिखायी जा रही है।


    प्रत्येक कक्षा के लिए स्तर के अनुरूप  सामग्री तैयार कर उपलब्ध करवायी गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तर पर विभिन्न सामग्री का परीक्षण कर उनमें राज्य की आवश्यकतानुसार कोर ग्रुप के माध्यम से आवश्यक संशोधन कर करिकुलम, पाठयसामग्री और अभ्यास पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं। सभी संस्थाओं से वार्डन और एक अन्य शिक्षिका को प्रतिवर्ष प्रशिक्षित किया जा रहा है। पूरे सत्र के लिए विभिन्न सत्रों को क्रमवार निर्धारित कर सभी के साथ साझा किया गया है। राज्य और जिले में इस कार्यक्रम की समीक्षा के आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। एक सत्र को बिना किसी बाधा के साथ पूरा लगातार आयोजित कराया जाना अनिवार्य है। सत्र के लिए शिक्षिकाओं को आवश्यक पूर्व तैयारी करनी होगी।


योजना के तहत जिला अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि इस कार्यक्रम के लिए तय समन्वयक के साथ सतत सम्पर्क में रहते हुए उनसे नियमित फीडबेक लेकर सुधार के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। विभिन्न निर्धारित सत्रों का समय पर सम्पन्न किया जाना सुनिश्चित करें। संस्थाओं की संयुक्त मॉनिटरिंग कर विभिन्न पहलूओं को देखे और समझे। यह भी देखा जाए कि बालिकाओं द्वारा अभ्यास पुस्तिकाओं पर नियमित कार्य किया जा रहा है और उनके कार्यो का आंकलन कर सुझाव दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *